Class 12 History Chapter 1 MCQ Bilingual Test (Bricks, Beads and Bones)
Chapter Overview: Bricks, Beads and Bones - The Harappan Civilisation (ईंटें, मनके तथा अस्थियां - हड़प्पा सभ्यता)
कक्षा 12 इतिहास का पहला अध्याय, "ईंटें, मनके तथा अस्थियां" (Bricks, Beads and Bones), भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे प्राचीन और सुविकसित शहरी सभ्यता—हड़प्पा सभ्यता (सिंधु घाटी सभ्यता / Harappan Civilisation) का व्यापक पुरातात्विक अध्ययन प्रस्तुत करता है। लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच अपने परिपक्व काल में फली-फूली यह सभ्यता अपनी आधुनिक नगर योजना, उन्नत जल निकासी व्यवस्था और कलात्मक शिल्पकला के लिए जानी जाती है।
मुख्य पुरातात्विक एवं ऐतिहासिक पहलू (Key Archaeological Highlights):
- नगर योजना एवं जल निकासी व्यवस्था (Town Planning & Drainage System): हड़प्पा और मोहनजोदड़ो जैसे शहर दो भागों में विभाजित थे—दुर्ग (Citadel) और निचला शहर (Lower Town)। सड़कों और गलियों को ग्रिड पद्धति (Grid System) पर बनाया गया था जो एक-दूसरे को समकोण पर काटती थीं। मोहनजोदड़ो में बना 'विशाल स्नानागार' (Great Bath) इसके उन्नत अनुष्ठानिक और नागरिक स्थापत्य का प्रमाण है।
- निर्वाह के तरीके और कृषि (Subsistence Strategies): हड़प्पावासी गेहूं, जौ, दाल, सफेद चना और तिल उगाते थे। गुजरात में बाजरे के साक्ष्य मिले हैं। कालीबंगा (राजस्थान) में जुते हुए खेत का साक्ष्य और बनावली (हरियाणा) में मिट्टी के हल का प्रतिरूप पाया गया है। सिंचाई के लिए शोर्तुघई (अफगानिस्तान) में नहरों के अवशेष मिले हैं।
- शिल्प उत्पादन और व्यापार (Craft Production & Trade): चन्हूदड़ों शिल्प उत्पादन (मनके बनाना, शंख की कटाई, धातु कर्म) का प्रमुख केंद्र था। मनके बनाने में कार्निलियन (सुंदर लाल रंग का पत्थर), जैस्पर, स्फटिक, क्वार्टज़ और सेलखड़ी (Steatite) जैसे पत्थरों का उपयोग होता था। तांबा ओमान से, शंख नागेश्वर और बालाकोट से, और लाजवर्द मणि (Lapis Lazuli) शोर्तुघई से आयात किया जाता था।
- सामाजिक भिन्नताओं का अवलोकन (Social Differences): पुरातात्विक उत्खनन में शवधानों (Burials) की बनावट और उनमें पाई गई विलासिता की वस्तुओं (जैसे फयांस के बर्तन) के अध्ययन से समाज में आर्थिक विषमताओं का पता चलता है।
- लिपि और मुहरें (Script & Seals): हड़प्पा की मुहरें सेलखड़ी पत्थर से बनाई जाती थीं। इनकी लिपि रहस्यमयी और चित्रात्मक (Pictographic) है जिसमें लगभग 375 से 400 चिह्न हैं और इसे दाईं से बाईं ओर लिखा जाता था।
- सभ्यता का अंत (Decline of the Civilisation): लगभग 1900 ईसा पूर्व के आसपास हड़प्पा के अधिकांश परिपक्व स्थलों का परित्याग कर दिया गया। इसके कारणों में जलवायु परिवर्तन, वनों की कटाई, अत्यधिक बाढ़, नदियों का सूखना या मार्ग बदलना और प्राकृतिक संसाधनों का अति-उपयोग प्रमुख माने जाते हैं।
3D Interactive Self-Assessment Portal
हड़प्पा सभ्यता की नगर योजना, पुरातात्विक खोजों और कलाकृतियों पर आधारित 50 द्विभाषी बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें। हर प्रश्न के विकल्प हिंदी और अंग्रेजी दोनों में दिए गए हैं तथा एंटी-चीटिंग सुरक्षा के तहत रैंडम शफल होते हैं।
Class 12 History Ch 1 Online Test (50 Bilingual Questions)
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. हड़प्पा सभ्यता का समय काल क्या माना जाता है?
Ans: हड़प्पा सभ्यता का परिपक्व काल लगभग 2600 ईसा पूर्व से 1900 ईसा पूर्व के बीच माना जाता है।
Q2. हड़प्पा सभ्यता की मुहरें मुख्य रूप से किस पत्थर से बनाई जाती थीं?
Ans: हड़प्पा सभ्यता की अधिकांश मुहरें सेलखड़ी (Steatite) नामक मुलायम पत्थर से बनाई जाती थीं।
Q3. मोहनजोदड़ो में विशाल स्नानागार का उपयोग किसलिए होता था?
Ans: विशाल स्नानागार (Great Bath) का उपयोग विशेष अनुष्ठानिक स्नान के लिए किया जाता था।
Q4. हड़प्पा सभ्यता की लिपि कैसी थी?
Ans: यह एक चित्रात्मक और अवाचनीय (रहस्यमयी) लिपि थी, जो दाईं से बाईं ओर लिखी जाती थी।
Q5. क्या इस टेस्ट को पुनः दिया जा सकता है?
Ans: नहीं, परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एक डिवाइस से केवल एक ही आधिकारिक प्रयास की अनुमति है।
0 Comments