Class 12 History Chapter 2 MCQ Bilingual Test (Kings, Farmers and Towns)
Chapter Overview: Kings, Farmers and Towns - Early States and Economies (राजा, किसान और नगर - आरंभिक राज्य और अर्थव्यवस्थाएं)
कक्षा 12 इतिहास का द्वितीय अध्याय, "राजा, किसान और नगर" (Kings, Farmers and Towns), लगभग 600 ईसा पूर्व से 600 ईस्वी तक के 1200 वर्षों के भारतीय इतिहास के महत्वपूर्ण राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तनों की पड़ताल करता है। यह वह काल था जब भारतीय उपमहाद्वीप में पहली बार बड़े राज्यों, महाजनपदों, विशाल साम्राज्यों (जैसे मौर्य और गुप्त साम्राज्य), सिक्के ढालने की कला, और सुदृढ़ व्यापारिक नगरों का विकास हुआ।
मुख्य ऐतिहासिक एवं अभिलेखीय पहलू (Key Historical & Epigraphic Highlights):
- प्रिंसेप और पियदस्सी (Prinsep and Piyadassi): 1830 के दशक में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों का अर्थ निकाला। इन अभिलेखों में एक राजा 'पियदस्सी' (मनोहर मुखकृति वाले राजा) का उल्लेख मिला, जिनकी पहचान महान मौर्य सम्राट अशोक से की गई।
- सोलह महाजनपद और मगध का उत्कर्ष (16 Mahajanapadas & Rise of Magadha): छठी शताब्दी ईसा पूर्व में 16 महाजनपदों का उदय हुआ जिनमें मगध, वज्जि, कोशल, कुरु, पांचाल और गांधार प्रमुख थे। मगध सबसे शक्तिशाली महाजनपद बना जिसके कारणों में उपजाऊ कृषि भूमि, लोहे की खदानें (आधुनिक झारखंड), जंगलों में हाथियों की उपलब्धता और गंगा तथा उसकी उपनदियों द्वारा सुलभ आवागमन शामिल थे।
- एक आरंभिक साम्राज्य: मौर्य साम्राज्य (The Mauryan Empire): चन्द्रगुप्त मौर्य द्वारा 321 ईसा पूर्व में स्थापित मौर्य साम्राज्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी। अशोक ने 'धम्म' का प्रचार किया जिसमें बड़ों का आदर, संन्यासियों के प्रति उदारता और अहिंसा शामिल थी। साम्राज्य के संचालन हेतु 5 प्रमुख राजनीतिक केंद्र थे: पाटलिपुत्र, तक्षशिला, उज्जैनी, तोसली और सुवर्णगिरि।
- राजधर्म के नए सिद्धांत (New Notions of Kingship): दक्षिण के राज्यों में चोल, चेर और पांड्य (तमिलकम क्षेत्र) का उदय हुआ। कुषाण शासकों (पहली शताब्दी ईसा पूर्व से पहली शताब्दी ईस्वी) ने स्वयं को 'देवपुत्र' (भगवान का पुत्र) कहा और अपनी विशाल मूर्तियां (जैसे मथुरा के माट में) स्थापित कराईं। गुप्त काल में 'सामंत' व्यवस्था और हरिषेण द्वारा रचित प्रयाग प्रशस्ति (समुद्रगुप्त की प्रशंसा) महत्वपूर्ण हैं।
- बदलता हुआ देहात (A Changing Countryside): उपज बढ़ाने के लिए लोहे के फाल वाले हल का प्रयोग और धान का रोपण (Transplantation) शुरू हुआ। शासकों द्वारा भूमि दान (Land Grants) दिए जाने लगे। ब्राह्मणों को दिया जाने वाला कर-मुक्त दान 'अग्रहार' (Agrahara) कहलाता था। प्रभावती गुप्त (चंद्रगुप्त द्वितीय की पुत्री) के भूमि दान अभिलेख से पता चलता है कि महिलाओं की भी भूमि पर पहुँच थी।
- नगर और व्यापार (Towns and Trade): पाटलिपुत्र, उज्जैनी, पुहार और मथुर जैसे नगर संचार मार्गों पर स्थित थे। व्यापारियों और शिल्पकारों के संगठन को 'श्रेणी' (Guilds) कहा जाता था। व्यापार में आहत सिक्के (Punch-marked coins), कुषाणों द्वारा जारी सोने के सिक्के और गुप्त शासकों के उत्कृष्ट स्वर्ण सिक्के प्रयुक्त होते थे।
- अभिलेखों का अध्ययन एवं सीमाएं (Decipherment & Limitations of Inscriptions): अभिलेखों में तकनीकी सीमाएं (अक्षरों का हल्का उकीर्ण होना, टूटना), लिपि संबंधी जटिलताएं और राजनीतिक परिप्रेक्ष्य का पूर्वाग्रह शामिल होता है।
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मौर्य साम्राज्य, महाजनपदों, अशोक के धम्म, अभिलेखों तथा प्राचीन अर्थव्यवस्था पर आधारित 50 द्विभाषी बहुविकल्पीय प्रश्न हल करें। सभी विकल्प रैंडम शफल होते हैं।
Class 12 History Ch 2 Online Test (50 Bilingual Questions)
Frequently Asked Questions (FAQs)
Q1. ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों को सबसे पहले किसने पढ़ा?
Ans: 1830 के दशक में ईस्ट इंडिया कंपनी के अधिकारी जेम्स प्रिंसेप ने ब्राह्मी और खरोष्ठी लिपियों का अर्थ निकाला।
Q2. मगध के सबसे शक्तिशाली महाजनपद बनने के क्या कारण थे?
Ans: उपजाऊ कृषि भूमि, लोहे की खदानें, जंगलों में हाथियों की उपलब्धता और नदियों द्वारा सुलभ आवागमन इसके प्रमुख कारण थे।
Q3. 'अग्रहार' किसे कहा जाता था?
Ans: अग्रहार वह भूमि दान था जो ब्राह्मणों को दिया जाता था। इस भूमि से कर वसूलने का अधिकार ब्राह्मणों के पास होता था और यह कर-मुक्त होती थी।
Q4. सबसे पहले सोने के सिक्के किसने जारी किए?
Ans: भारत में सबसे पहले सोने के सिक्के पहली शताब्दी ईस्वी में कुषाण शासकों ने जारी किए थे।
Q5. प्रयाग प्रशस्ति की रचना किसने की थी?
Ans: प्रयाग प्रशस्ति (इलाहाबाद स्तंभ लेख) की रचना गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त के राजकवि हरिषेण ने संस्कृत भाषा में की थी।
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