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Class 12 Political Science Notes 2027
द्विध्रुवीयता का अंत
The End of Bipolarity | NCERT Chapter Notes
Board Exam 2027 Special
📚 अध्याय के बारे में (About This Chapter)
कक्षा 12 राजनीति विज्ञान (Political Science) के NCERT पाठ्यक्रम में
द्विध्रुवीयता का अंत (The End of Bipolarity) एक महत्वपूर्ण अध्याय है। इस अध्याय में सोवियत संघ के विघटन, शीत युद्ध के अंत, अमेरिकी वर्चस्व और विश्व राजनीति में आए बड़े बदलावों का अध्ययन किया जाता है।
अगर आप CBSE Board Exam 2027 की तैयारी कर रहे हैं, तो ये नोट्स आपको महत्वपूर्ण अवधारणाओं को समझने, उत्तर लिखने और परीक्षा के लिए रिवीजन करने में मदद करेंगे।
📌 इस अध्याय में क्या पढ़ेंगे?
- सोवियत संघ का परिचय और विघटन
- द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अर्थ
- शीत युद्ध का अंत
- सोवियत संघ के विघटन के प्रमुख कारण
- शॉक थेरेपी (Shock Therapy)
- स्वतंत्र राज्यों का राष्ट्रकुल (CIS)
- अमेरिकी वर्चस्व और विश्व राजनीति
- सोवियत संघ के विघटन के परिणाम
1. द्विध्रुवीयता का अर्थ क्या है?
द्विध्रुवीयता (Bipolarity) ऐसी विश्व व्यवस्था को कहा जाता है जिसमें दो महाशक्तियों का अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर प्रमुख प्रभाव होता है।
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद दुनिया मुख्य रूप से दो शक्ति गुटों में बँट गई थी:
- अमेरिका: पूँजीवादी व्यवस्था का प्रमुख समर्थक।
- सोवियत संघ (USSR): समाजवादी व्यवस्था का प्रमुख समर्थक।
इन दोनों महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा को शीत युद्ध (Cold War) कहा जाता है।
2. सोवियत संघ का विघटन
सोवियत संघ (USSR) का विघटन वर्ष
1991 में हुआ। इसके साथ ही शीत युद्ध की द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अंत हो गया।
सोवियत संघ के विघटन के बाद कई स्वतंत्र गणराज्य अस्तित्व में आए और रूस को सोवियत संघ का प्रमुख उत्तराधिकारी राज्य माना गया।
Exam Point: सोवियत संघ का विघटन 1991 में हुआ। यह घटना समकालीन विश्व राजनीति में एक बड़ा परिवर्तन थी।
3. सोवियत संघ के विघटन के प्रमुख कारण
- आर्थिक संकट: अर्थव्यवस्था में ठहराव और उपभोक्ता वस्तुओं की कमी।
- राजनीतिक व्यवस्था की समस्याएँ: सत्ता का अत्यधिक केंद्रीकरण और लोकतांत्रिक जवाबदेही की कमी।
- राष्ट्रवादी भावनाएँ: विभिन्न गणराज्यों में स्वतंत्रता की माँग बढ़ना।
- गोर्बाचेव के सुधार: मिखाइल गोर्बाचेव ने ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका जैसी नीतियाँ अपनाईं।
- कम्युनिस्ट पार्टी का कमजोर होना: पार्टी के नियंत्रण और प्रभाव में गिरावट आई।
- जनता में असंतोष: आर्थिक और राजनीतिक समस्याओं के कारण व्यवस्था के प्रति असंतोष बढ़ा।
4. ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका
ग्लासनोस्त (Glasnost): इसका अर्थ खुलापन है। इसका उद्देश्य शासन और सार्वजनिक जीवन में अधिक पारदर्शिता तथा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को बढ़ावा देना था।
पेरेस्त्रोइका (Perestroika): इसका अर्थ पुनर्गठन है। इसके अंतर्गत सोवियत संघ की आर्थिक और राजनीतिक व्यवस्था में सुधार करने का प्रयास किया गया।
याद रखें: दोनों सुधार मिखाइल गोर्बाचेव के नेतृत्व से जुड़े थे।
5. शॉक थेरेपी (Shock Therapy)
शॉक थेरेपी उस तीव्र आर्थिक परिवर्तन की प्रक्रिया को कहा जाता है जिसे सोवियत संघ के विघटन के बाद कई पूर्व समाजवादी देशों ने अपनाया। इसका उद्देश्य समाजवादी अर्थव्यवस्था से बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से बढ़ना था।
इसके अंतर्गत निजीकरण, बाजार व्यवस्था का विस्तार और आर्थिक नियंत्रणों में बदलाव जैसे कदम शामिल थे। कई देशों में इस परिवर्तन के दौरान महँगाई, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसी समस्याएँ भी सामने आईं।
6. सोवियत संघ के विघटन के परिणाम
- शीत युद्ध की समाप्ति हुई।
- द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अंत हुआ।
- अमेरिका विश्व राजनीति की प्रमुख महाशक्ति के रूप में उभरा।
- कई नए स्वतंत्र देशों का उदय हुआ।
- पूर्व सोवियत गणराज्यों में राजनीतिक और आर्थिक परिवर्तन हुए।
- विश्व राजनीति में शक्ति-संतुलन की प्रकृति बदल गई।
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कक्षा 6 से 12 तक के नोट्स, MCQ टेस्ट और परीक्षा की तैयारी के लिए हमारी अन्य पोस्ट भी देखें।
📝 परीक्षा के लिए महत्वपूर्ण प्रश्न
- द्विध्रुवीयता से आप क्या समझते हैं?
- सोवियत संघ के विघटन के किन्हीं चार कारणों का वर्णन कीजिए।
- ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका क्या थे?
- शॉक थेरेपी से क्या अभिप्राय है?
- सोवियत संघ के विघटन के विश्व राजनीति पर क्या प्रभाव पड़े?
- शीत युद्ध के अंत का क्या महत्त्व था?
Study Tip: उत्तर लिखते समय परिभाषा, मुख्य बिंदु और उदाहरण का उपयोग करें। प्रश्नों के अंक के अनुसार उत्तर की लंबाई रखें।
❓ Frequently Asked Questions (FAQ)
1. द्विध्रुवीयता का अंत किस वर्ष हुआ?
सोवियत संघ के विघटन के साथ 1991 में द्विध्रुवीय विश्व व्यवस्था का अंत हुआ।
2. Class 12 Political Science का यह अध्याय किस बारे में है?
यह अध्याय सोवियत संघ के विघटन, शीत युद्ध के अंत और विश्व राजनीति में हुए परिवर्तनों के बारे में है।
3. शॉक थेरेपी क्या है?
यह समाजवादी अर्थव्यवस्था से बाजार-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर तेजी से परिवर्तन की प्रक्रिया थी।
4. ग्लासनोस्त और पेरेस्त्रोइका किसने शुरू किए?
सोवियत नेता मिखाइल गोर्बाचेव ने इन सुधारों की शुरुआत की थी।
5. क्या ये नोट्स Board Exam 2027 के लिए उपयोगी हैं?
ये नोट्स मुख्य अवधारणाओं के रिवीजन में मदद कर सकते हैं। परीक्षा की तैयारी के लिए नवीनतम CBSE पाठ्यक्रम, NCERT पुस्तक और शिक्षक के निर्देश भी देखें।
Disclaimer: यह अध्ययन सामग्री विद्यार्थियों की शैक्षिक सहायता के लिए तैयार की गई है। परीक्षा से पहले नवीनतम आधिकारिक पाठ्यक्रम और NCERT पुस्तक से तथ्यों का मिलान अवश्य करें।
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